रविवार, 6 मई 2007

आपकी छोटी-छोटी आदते और आपका व्यक्तित्व

आपकी छोटी-छोटी आदते और आप
दोस्तो आप सभी से दरख्वास्त है कि इन सवालो का ईमानादारी से जवाब दें, वैसे तो मै कोई राज की बात नही पुछूँगी पर किसी को यहा बताना अच्छा ना लगे तो अपने जवाब मुझे avgroup at gmail dot com पर ई-मेल कर सकते हैं
आप सब जानना चाहेंगे कि भई इतने मेहनत कयूँ?
आपके जवाब आपके व्यक्तित्व का आईना बनेंगे, शायद यहां से कुछ ऐसे बाते भी आपको पता लगे जो आप भी ना जानते हों... :)
ये भी हो सकता है कि आपके किसी समस्या का समाधान भी मिल जाये.. संभावनाओ से भरा डगर है.. आप चलिये तो सही
लिजिये सवालो का दौर शुरू करती हूँ :) उम्मीद है आपको ये सफर मजेदार लगेगा
  1. आपका शूभ नाम, उम्र स्थायी पता और वर्तमान पता( सिर्फ शहर का नाम)
  2. अभी आप क्या कर रहे हैं, और अगर अमुक काम ना कर रहे होते तो क्या करते?
  3. आपने अपना अमुक काम क्यूँ चुना? यूँ ही? आपकी इच्छा या घर वालो की इच्छा? कोई और भी कारण हो तो उल्लेख करें।
  4. आपके वर्तमान से कार्य से आप संतुष्ट हैं?
  5. आपको किस रंग का और कौन सा फूल पसन्द है और क्यूँ?
  6. आपको किस रंग का और कैसा ड्रेस पसन्द है?
  7. अगर आपके पास बहूत से रंग के पन्ने और कलम हो तो कौन सा रंग लेंगे?
  8. आपके आसपास किस रंग की अधिकता है?
  9. आपको overall कौन सा रंग आकर्षित करता है?
  10. आपको कौन सा मौसम अच्छा लगता है?
  11. अगर आपको कोई उपहार देना चाहे तो आप क्या लेना पसंद करेंगे?
  12. आप किसी को उपहार मे क्या देना चाहेंगे?
  13. आप अपनी छूट्टिया कहां और किसके साथ मनाना पसंद करेंगे?
  14. आपको खाने मे क्या पसंद है?
  15. अगर आपके प्लेट मे आपकी पसन्दीदा और नापसन्दीदा दोनो ही तरह के भोज्यपदार्थ रखा हो तो आप क्या करेंगे? नापसंदीदा भोज्यपदार्थ से किनारा कर लेंगे? दोनो ही मिला के खा लेंगे? पहले पसंदीदा वस्तु लेंगे? पहले नापसंदीदा लेंगे?
  16. आपकी 10 सकारत्मक आदते या सोच?
  17. आपकी 10 नकारत्मक आदते या सोच?
  18. क्या आप अपने वर्तमान स्थिती से पुरी तरह संतुष्ट है? अगर हां तो कारण बताईये, नही तो भी कारण बताईये
  19. क्या आप किसी शक्ति, भगवान पर विश्वास रखते हैं?
  20. अगर हां तो उनसे अगर आप उनसे कोई एक क्या शिकायत करेंगे? कोई एक बात जिसके लिये आप उनको धन्यवाद करें
  21. कोई 5 इच्छायें जो आप उनसे मांगे? (सवाल 20,21 पर वो ध्यान ना दें जो भगवान या किसे शक्ति पर विश्वास नही रखते हैं?)
  22. आप खूद को कर्म प्रधान मानते हैं कि भाग्य प्रधान?
  23. पिचाले 22 सवालो को पढकर और जवाब देकर आपको कैसा लगा?
  24. आप अपने व्यक्तित्व से संबन्धित किस प्रकार की जानकारी चाहेंगे?
  25. अगर आपके जवाबो के बाद किसी कारण से आपकी आलोचन की गयी तो आपकी प्रतिक्रिया कैसी रहेगी?

इतने सारे सवाल लिखकर मै ही थक गयी, जवाब कर्ता तो और थक जायेंगे इसलिये एक मजाकिया सवाल....

कोई मुझे एक चॉकलेट खिलायेगा.... :D

नोट- वर्तेनी अशुद्धियों के लिये माफी चाहती हूँ।

17 टिप्‍पणियां:

भुवनेश शर्मा ने कहा…

गरिमाजी जैसा कि मेरे चिट्ठे पर भी मैंने चिपका रखा है कि मैं बड़े आलसी किस्म का इंसान हूं फ़िर भी कुछ सवालों के जवाब दे रहा हूं

उत्तर-

१- भुवनेश शर्मा,२३ वर्ष, मुरैना
२-अभी एल.एल.बी आनर्स अंतिम वर्ष में हूं और ये न कर रहा होता तो पता नहीं क्या कर रहा होता.
३-नाम तो हम चुनने वाले कौन होते हैं. घरवालों ने ही चुना होगा.

अब हमको प्रश्नों की संख्या देख आलस आने लगा अपन तो चले :)

परमजीत बाली ने कहा…

आपका शूभ नाम, उम्र स्थायी पता और वर्तमान पता( सिर्फ शहर का नाम)
१परमजीत बाली,४९,दिल्ली
अभी आप क्या कर रहे हैं, और अगर अमुक काम ना कर रहे होते तो क्या करते?
२आप के सवालों के जवाब दे रहा हूँ,कुछ नही
आपने अपना अमुक काम क्यूँ चुना? यूँ ही?
३खाली बैठा था इस लिए,
आपकी इच्छा या घर वालो की इच्छा? कोई और भी कारण हो तो उल्लेख करें।
४नो कमेंट्स,
आपके वर्तमान से कार्य से आप संतुष्ट हैं?
५नो कमेंट्स,
आपको किस रंग का और कौन सा फूल पसन्द है और क्यूँ?
६गोभी का सफेद फूल,खाने मे अच्छी लगती है.
आपको किस रंग का और कैसा ड्रेस पसन्द है?
७सफेद
अगर आपके पास बहूत से रंग के पन्ने और कलम हो तो कौन सा रंग लेंगे?
८सभी

अब और जवाब नही दे सकता ।मुझे लगता है कि आप कुछ नया लेख लिखना चाहती थी पर आप का मूड नही बना ,सो यह सवाल जड़ दिए।क्या मै ठीक सोच रहा हूँ गरिमाजी ?

ग़रिमा ने कहा…

भूवनेश जी आलसी तो मै भी हूँ खासकर हिन्दी टंकण के वक्त, कल बहूत मेहनत से सारे सवाल लिखे थे :(

आपने जिन सवालो के जवाब दिये हैं इनसे कुछ खास नही बताया जा सकता... इसलिये माफी चाहती हूँ। मेरे चिट्ठे तक आने के लिय शुक्रिया।

************************************

परमजीत बाली जी पहली बात कि ये सवाल अनमने से नही डाला काफी वक्त लग गया था लिखने मे... हां आपके कुछ जवाब आ ही गये तो है तो जो मै समझी बत देती हूँ, वैसे गलत भी हो सकता है जब मेरे पास अधुरा डाटा है तो पूर परिणाम कैसे निकलेगा

आप सात्विक प्रवृति से आगे बढने वाले इंसान है, आज और अभी पर यकिन करते है फिर भी भूत और भविष्य पर पैनी निगाह रखते हैं, जिंदगी के हर रंग को देखना चाहते हैं, तथा अपने हर काम के तुलनातमक विश्लेषण के सक्रिय रहते है।

कितना सही कितना गलत आप जरूर बताईयेगा।

:)

परमजीत बाली ने कहा…

गरिमाजी,आप ने जो और जितना लिखा वह ९० प्रतिश्त सही है। बधाई। मैनें तो सहज ही प्रश्नो के उत्तर दिए थे।

अरुण ने कहा…

काम चालू आहे :) पुरा कर मेल कर दिया जयेगा

गिरिराज जोशी "कविराज" ने कहा…

1 . आपका शूभ नाम, उम्र स्थायी पता और वर्तमान पता( सिर्फ शहर का नाम)

नाम : गिरिराज जोशी "कविराज"
उम्र : 24 वर्ष
स्थायी एवं वर्तमान पता : कायस्थ मौहल्ला, नागौर, राजस्थान

2. अभी आप क्या कर रहे हैं, और अगर अमुक काम ना कर रहे होते तो क्या करते?

एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में अभियंता हूँ, यदि यह नहीं कर रहा होता तो इसके लिए प्रयत्न कर रहा होता और अभी इससे बेहतर के लिये प्रयासरत हूँ।

3. आपने अपना अमुक काम क्यूँ चुना? यूँ ही? आपकी इच्छा या घर वालो की इच्छा? कोई और भी कारण हो तो उल्लेख करें।

मैने नहीं चुना। घर वालों नें (दादी) ने चुना, वे कृष्ण भक्त हैं शायद इस कारण।

4. आपके वर्तमान से कार्य से आप संतुष्ट हैं?

नहीं, और शायद कभी हो भी ना पाऊँ, जितना कार्य होता हूँ, हमेशा उससे ज्यादा और उत्तम की भूख रहती है।

5. आपको किस रंग का और कौन सा फूल पसन्द है और क्यूँ?

गुलाबी। गुलाब का, शायद खूशबू की वजह से।

6. आपको किस रंग का और कैसा ड्रेस पसन्द है?

कमीज - नीला और पेंट - सफेद। साधारण बिना किसी तड़क-भड़क का।

7. अगर आपके पास बहूत से रंग के पन्ने और कलम हो तो कौन सा रंग लेंगे?

यदि एक ही रंग चुनना हुआ तो नीला लूँगा।

8. आपके आसपास किस रंग की अधिकता है?

सफेद।

9. आपको overall कौन सा रंग आकर्षित करता है?

नीला।

10. आपको कौन सा मौसम अच्छा लगता है?

बरसात का।

11. अगर आपको कोई उपहार देना चाहे तो आप क्या लेना पसंद करेंगे?

जो वह देना चाहे, उपहार देने वाले की इच्छा से।

12. आप किसी को उपहार मे क्या देना चाहेंगे?

यह भी इस बात पर निर्भर करता है कि उपहार किसे और क्यों दिया जा रहा है।

13. आप अपनी छूट्टिया कहां और किसके साथ मनाना पसंद करेंगे?

घर पर, अपने पूरे परिवार के साथ।

14. आपको खाने मे क्या पसंद है?

खाने के मामले में कुछ भी चलता है, नॉनवेज को छोड़कर। वैसे घर का खाना ही सर्वाधिक प्रिय है।

15. अगर आपके प्लेट मे आपकी पसन्दीदा और नापसन्दीदा दोनो ही तरह के भोज्यपदार्थ रखा हो तो आप क्या करेंगे? नापसंदीदा भोज्यपदार्थ से किनारा कर लेंगे? दोनो ही मिला के खा लेंगे? पहले पसंदीदा वस्तु लेंगे? पहले नापसंदीदा लेंगे?

खाऊँगा। 50-50, नापसंदीदा भोज्यपदार्थ से किनारा कर भी सकता हूँ। मिलाकर खाना पसंद है, यह भी कर सकता हूँ। पहले पसंदीदा वस्तु ही लूँगा।

16. आपकी 10 सकारत्मक आदते या सोच?

-----

17. आपकी 10 नकारत्मक आदते या सोच?

-----

18. क्या आप अपने वर्तमान स्थिती से पुरी तरह संतुष्ट है? अगर हां तो कारण बताईये, नही तो भी कारण बताईये

नहीं, आगे बढ़ने की तृष्णा संतुष्ट होने नहीं देती।

19. क्या आप किसी शक्ति, भगवान पर विश्वास रखते हैं?

हाँ।

20. अगर हां तो उनसे अगर आप उनसे कोई एक क्या शिकायत करेंगे? कोई एक बात जिसके लिये आप उनको धन्यवाद करें
कोई 5 इच्छायें जो आप उनसे मांगे? (सवाल 20,21 पर वो ध्यान ना दें जो भगवान या किसे शक्ति पर विश्वास नही रखते हैं?)

कुछ नहीं।

21. आप खूद को कर्म प्रधान मानते हैं कि भाग्य प्रधान?

दोनों।

22. पिचाले 22 सवालो को पढकर और जवाब देकर आपको कैसा लगा?

कुछ ख़ास नहीं।

23. आप अपने व्यक्तित्व से संबन्धित किस प्रकार की जानकारी चाहेंगे?

जो भी आप देना चाहें।

24. अगर आपके जवाबो के बाद किसी कारण से आपकी आलोचन की गयी तो आपकी प्रतिक्रिया कैसी रहेगी?

सकारात्मक।

Sagar Chand Nahar ने कहा…

पप्रश्न क्रमांक १ और का उत्त्तर तो आपको पता ही है और २ भी आंशिक रूप से पता है पर मैं यह काम नहीं कर रहा होता तो शायद किसी प्राईवेट कंपनी में मुनीमगिरी कर रहा होता।
प्रश्न३: परिवार वालों की इच्छा
प्रश्न४: आंशिक रूप से
प्रश्न ५: गुलाबी कलर का गुलाब
प्रश्न६: ग्रे शर्ट और काला पेन्ट
प्रश्न७: पन्ना सफेद और कलम शायद काली
प्रश्न८: क्रीम या आईवरी
प्रश्न९: ग्रे, नेवी ग्रीन, पिस्ता ग्रीन और सफेद
प्रश्न१०: वर्षाऋतु
प्रश्न११: किताबें या पैन
प्रश्न१२: किताबें या पैन
प्रश्न१३: किसी अच्छे हिल स्टेशन पर जहाँ झरने हो, हरी भरी वादियाँ हो, अपने परिवार के साथ
प्रश्न१४: छाछ में भीगी हुई ठंडी रोटी और बंगाली मिठाईयाँ,।
प्रश्न१५: चीजपहले पसन्द की चीज खाना चाहूंगा पर नापसन्द के साथ अन्याय नहीं करूंगा।
प्रश्न१६: बहुत मुश्किल है
प्रश्न १७: मैं यह काम करूंगा तो सफलता मिलेगी या नहीं?, और वह मेरे बारे में क्या सोच रहा होगा, उसने मेरे बारे में ऐसा क्यों कहा? आदि
प्रश्न१८: नहीं, व्य्वसाय और जिन्दगी में वांछित सपलता का ना मिलना
प्रश्न१९: संशय है कि भगवान होते भी हैं या कल्पना मात्र है।
प्रश्न२०: शिकायत इस बात की करूंगा कि आपके होते हुए दुनियाँ में इतने लोग इतने दुखी क्यों है? और धन्यवाद इस बात के लिये कि .............. सोच रहा हूँ जवाब नहीं मिला।
प्रश्न२१: मेरे किसी भी कार्य या शब्दों से किसी के मन को ठेस ना लगे। सब सुखी हों, मैं अपने माता पिता की सेवा कर सकूं।
प्रश्न२२: अपने आप को कर्म प्रधान मानता हूँ पर यबह बात अलग है कि कर्म काम नहीं आ रहे।
प्रश्न २३: ठीक ठाक
प्रश्न२४: हर तरह की
प्रश्न२५: हर आलोचनाओं के लिये तैयार हूँ। आप नि:संकोच बतायें।

ग़रिमा ने कहा…

जोशी भईया धन्यवाद... आपके जवाबो के बाद आपको और करीब से जानने का सुखद अवसर मिला।

मेरे विचार मे-

आप अपने जमीन से जुडे हूए और भावना प्रधान इंसान हैं।
आप हर इंसान को स्नेह और सम्मान देते हैं, तथा बदले मे स्नेह के सिवा और कुछ नही चाहते।

आप लीग से हटकर कोई काम करने मे घबडाते हैं, पर डरते नही हैं।
चुनौतियाँ आपको पसन्द है, पर जानबुझकर किसी चुनौती का सामना करने से कतराते हैं।

आप यथार्थवादी प्रकृति के हैं, और जीवन के पल शांति से बिताने के शौकीन है।

आपके लिये आपका परिवार आपके दोस्त आपके जिंदगी के अहम हिस्से हैं।

कुछ नकारत्माक भाव भी दिख रहे हैं... आपके भावनाप्रधान होने के कारण आप जल्द ही किसी रिश्ते मे य रिश्ते से धोखा खा सकते है।
कभी-कभी किसी चुनौती को अनदेखा करने के कारण आप उससे मिलने वाले लाभ से वंचित रह सकते हैं जो आपके और सफलता के बीच दिवार बन सकता है।
आप जरूरत से ज्याद दुसरो को सम्मान देते हैं, जिससे वो इंसान अपना काम निकाल चलता बने- ऐसी परिस्थीति से भी सामना हो सकता है।

सुझाव- भईया आप अपने जीवन शैली मे थोडा सा बदलाव लाईये, लोगो को स्नेह तो दे पर अपने आपको संभालकर।
अपने आसपास पैनी निगाह रखिये, जाने कब कौन सा कदम आपकी जिन्दगी बदल दें।
अपनी जिन्दगी मे आने वाले हर छोटे-बडे पलो पर गौर कर समय की मांग अनुसार काम करें।
आप लाल, सुनहले, नीले तथा हरे रंग के कृस्टल अपने साथ रखिये, बेहतर भविष्य होगा।

कोई बात गलत लिखी हो तो मुझे जरूर बतायें, 100% सही होने का दावा करना बेवकुफी होगी :)

ग़रिमा ने कहा…

सागर भईया आपने भी अपने आपको जानने का अवसर दिया शुक्रिया।

कहना पडेगा आप अपनो को इतना प्यार करते हैं कि वो ही आपके सफलता मे बाधक है।

जीने के लिये चाहिये थोडी सी जमी थोसा सा आसमां- आप पर ये नियमावली फिट बैठती है।

आप गहरे और नकरात्मम यादो मे डूबे हूए है जो आपको हर कदम पिछे ले जा रहा है (सावधान!)

आप विचार प्रधान शक्सियत है।

आपके आपनो को आपसे कम ही शिकायते होंगी, पर वो आपकी आदतो मे नुक्स निकालते मिल जायेंगे।

आप जितना स्नेह दुसरो को करते हैं उसका प्रतिउत्तर पाने की अदम्य इच्छा रहती है। पर जवाब नही मिलने के बाद भी अपने कर्तव्य से पीछे नही हटते।

आप अपनी जिंदगी को गम्भीर आयाम से देखते हैं, और आशा रखते हैं कि दुसरे भी इस प्रवृति को अपनाये।

आप शांत, गंभीर, तार्किक और ओजयुक्त शक्सियत हैं, पर कही कही आप अपने ही तर्को मे उलझ कर रह जाते हैं।

प्रकृति के बनाये हर प्राणी वस्तू से आपको प्यार है।

सुझाव-

आप अपने विचारो को नया आयाम दिजिये।
अपने आपको रिश्तो बंधन और पारंपरिक कर्तव्यो से थोडा आजाद करें।
किसी पर भी भरोसा करने से पहले उसे जाँच-परख ले।
लोग क्या कहेंगे इस विचार से उपर उठे, क्यूँकि आज तक लोगो ने किसी को अच्छा नही कहा।
अपना काम अपनी संतुष्टि के लिये करें।
अपने आपको पहचाने।
आप गुलाबी, पीले और हरे रंग का कृस्टल अपने साथ रखे।

और मै कहा कहा गलत हूँ ये जरूर बताईये।
:)

Sanjeet Tripathi ने कहा…

जल्द ही आपको ई-मेल किया जाएगा

ग़रिमा ने कहा…

अरूण जी आपके मेल का इंतजार रहेगा।

संजीत जी आपका मेल मिल गया है, जल्द ही जवाब दूँगी।

Sagar Chand Nahar ने कहा…

ह्म्म ९८% तक सही हो,और शायद जिस २% को मैं सही नहीं मान रहा उस बारे में संशय है कि मैं सही हूँ या आप।
कि मैं शांत हूँ। क्यों कि चिट्ठा जगत के मित्र कहते हैं और जानते हैं कि मैं बेहद तुनकमिजाजी हूँ,शायद मैं शांत नहीं पर गुस्सैल भी नहीं, गुस्सा जल्दी आता है और जल्दी ही शांत हो जाता है।
वैसे बहुत बढ़िया विश्लेषण रहा, एकाद बातें ऐसी भी थी जिनके बारे में खुद मुझे अपने बारे में पता नहीं था। अब वे नहीं बताऊंगा कि क्या हैं वह। :) :)

रंजु ने कहा…

hi garima ji .interesting hai yah :)
mail kari hai aapko ...[:)]

flyingdeath ने कहा…

नाम मे क्या रखा है.(गुलाब का नाम कुछ भी कहो वह उतनी ही सुगन्ध देगा :) ) हैदराबाद
वर्तमान मे अभियन्ता हूं. कुछ और करने का कभी सोचा नही. पता नही
शायद यही करना पसन्द था. बापू की भी यही इच्छा थी
सन्तुष्ट तो नही हूं
अन्ग्रेजी के फूल
काला रन्ग मुझे पसन्द है.

काला सफ़ेद
काला. (अगर आसपास महिलाऎ घूम रही है तो मुझे हल्के रन्ग उनके उपर काफ़ी पसन्द है)
वसन्त
निर्भर करता है व्यक्ति के ऊपर
किसी समुद्र के किनारे. अकेले या मित्रों के साथ
सरसो की सब्जी
ज्यादा नापसन्द चीज तो मै खा ही नही सकता तो अच्छी वाली
बहुत बडा सवाल है

नही.
हां
कोइ बात नही धन्यवाद देने के लिये. भगवान तो शिकायत के लिये होते हैं
बहुत सी बाते है. पन्ना भर जायेगा
गुड. बट डिफ़ीकल्ट टू राईट
सब कुछः. क्या आप मानसिक रोग विशेग्या हैं
नेवर माइंड

ग़रिमा ने कहा…

@ flyingdeath

देर से जवाब देने के लिये माफी चाहती हूँ।
एक बात बताना चाहूँगी कि बिना नाम जाने मै औरा रीडींग नही कर सकती, इस कारण बहूत से पहलू छूट जायेंगे, आपको नाम बताना चाहिये था, खैर आगे बढती हूँ।
आपकी बातो से असंतुष्टि और निराशा झलक रही है।
आप जैसा होना चाहते हैं वैसे है नही, और जो है वैसा बनना नही चाहते।
आप अपने आपमे उलझे उलझे रहते है।
आपमे लीग से हटकर काम करने की प्रवृति नही है।
जिंदगी से जुडे रहने के लिये काफी मशक्कत करनी पडती है।

सुझाव-
आत्मविश्लेषण करें।
जिन्दगी के पहलूओ को नये आयाम से देखें।
समय की समीक्षा करें, ना कि प्रतीक्षा करें।

मै मानसिक रोग विशेसग्या नही हूँ, बल्कि एनर्जी हीलर हूँ।

ज़ाकिर ने कहा…

नमस्कार। आपकी प्रश्‍नावली पढ़ी, एक जिज्ञासा हुई। एक शंका भी है मन में, फिरभी प्रश्नों को लिख रहा हूं। आशा करता हूं कि आप अपने कीमती समय में से कुछ क्षण निकाल कर मेरा मार्गदर्शन करेंगी।
1.मेरा नाम ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (लेखक होने के कारण रजनीश टाइटिल के रूप में प्रयोग करता हूं) है, मेरी उम्र 32 वर्ष (जन्मतिथि 01-01-1975) है तथा मैं लखनऊ शहर का रहने वाला हूं।
2.वर्तमान में मैं मण्डी परिषद में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हूं। अगर मैं यहां न होता, तो शायद टीवी और फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग का काम कर रहा होता।
3.मैंने अपना वर्तमान काम इसलिए चुना, क्योंकि यह आसानी से (लगभग अपने आप) मिल गया था।
4.100 प्रतिशत तो संतुष्ट नही ही हूं।
5.मुझे गहरे लाल रंग का गुलाब सबसे अच्छा लगता है। क्यूं अच्छा लगता है, यह मैं भी नहीं जानता।
6.मुझे लाइट कलर के पैंट–शर्ट (पैंट में जींस, शर्ट में चेकदार) पसंद हैं।
7.अगर मेरे पास बहुत से रंग के पन्ने हों तो गुलाबी रंग के पन्ने और हरे रंग के (इंक वाले) कलम पसंद करूंगा।
8.लाइट रंगो की।
9.मुझे सबसे ज्यादा लाल रंग आकर्षित करता है।
10.मुझे हल्‍के जाड़े का मौसम सबसे अच्छा लगता है।
11.मुझे उपहार में फूल लेना पसंद है।
12.मैं उपहार में वह चीज़ देना चाहूंगा, जो अगले व्यक्ति को पसंद हो।
13.मैं अपनी छुटिटयां हिल स्टेशन पर अपने परिवार के साथ बिताना पसंद करता हूं।
14.मुझे खाने में दाल, सब्जी, रोटी और दही पसंद है।
15.अगर मेरी प्लेट में पसंदीदा और नापसंदीदा दोनों तरह की चीज़ें हों, तो मैं सिर्फ पसंदीदा चीज़ ही लेना पसंद करूंगा।
16.हर समय खुश रहना, लोगों से मुस्कराकर बात करना, दूसरों की खुशी में शरीक होना, किसी भी दु:ख या अप्रिय घटना को ज्यादा देर तक याद न रखना, दूसरों की मदद करने का हरसंभव प्रयत्न करना, अपने समय को सकारात्मक काम (लेखन) में लगाना। बाकी सोचने में बहुत समय लगेगा।
17.किसी भी घटना को ज्यादा गहराई से न लेना, दूसरों के दु:ख को उतनी शिददत से महसूस न कर पाना, अपनी जिन्दगी अपनी सोच को वरीयता देना, बुरी चीजों को सख्त नापसंद करना, बुरी आदतों (अपने हिसाब से) को बर्दाश्त न कर पाना, लोगों से बहस करना। इतनी बहुत हैं।
18.मैं अपनी वर्तमान स्थित से हर हाल में संतुष्ट रहता हूं।
19.नहीं, मैं किसी ईश्वरीय सत्ता (खासकर जिस रूप में उसे दुनिया वाले मनवाते हैं) में विश्वास नही करता।
20.मैं खुद को कर्म प्रधान मानता हूं।
21.पिछले सवालों का जवाब देते समय मेरे मन में यह सवाल आया कि कहीं मैं मूर्ख तो नहीं बनाया जा रहा।
22.मैं अपने व्यक्तिव से सम्बंधित वह जानकारी चाहूंगा, जिससे मैं अपने आप में इम्प्रूवमेन्ट ला सकूं।
23.मैं आलोचना को भी सकारात्मक लेता हूं, ताकि उन कमियों को दूर कर अपने में सुधार ला सकूं।

अखिल तिवारी ने कहा…

बहुत समय बाद ये ब्लोग देख पाने के कारण आज ही मेल किआ है आपको। शायद आपको मिल भी गया हो।