मंगलवार, 17 जुलाई 2007

"मै भी कुछ लाऊँ" - 2

पिछली पोस्ट मै भी कुछ लाऊँ मे अधुरी कलेक्शन रह गयी थी, आज इसे पुरा करने के कोशिश मे हूँ, मेरी आधी अधुरी कलेक्शन और बक बक को बर्दाश्त करने के लिये, सागर भईया, जोशी भईया (जो कि मेरे बक बक के आदी हो चुके हैं), सुनीता जी, समीर जी, Divine_India, अनुप जी, और काकेश जी का दिल से शुक्रिया करती हूँ, और आगे भी आप मेरी बकबक और कलेक्शन को बर्दाश्त करेंगे ऐसा निवेदन कर रही हूँ।





ये रहे पिरमिड्स जो कि मै चिकित्सा के दौरान उपयोग मे लाती हूँ, वैसे ये जरूरत के हिसाब से कई रंगो मे बनवाना होता है।

बाजार मे कयी तरह के रंग बिरंगे और तरह तरग के धातु कृस्टल के पिरमीड आराम से मिल जाते हैं, पर मुझे यह खुद के बनवाये प्लाई के पिरमिड ही पसन्द है, क्योकि मै इन्हे अपने हिसाब ऊर्जांवित कर सकती हूँ।

जीवन ऊर्जा पर पिरामीड थेरेपी जिन्होने पढ़ा होगा वो इसके महत्व को अच्छी तरह से समझ जायेंगे।


मुख्यतः पीले, नीले, सफेद, गुलाबी और हरे रंग के पिरामीड ज्यादा चलन मे होते है।



ये हैं जिरकॉन, पिछले पोस्ट मै भी कुछ लाऊँ पर गोल्डेन जिरकॉन का जिक्र किया था मैने... इस बार अलग अलग फोटु डालने से बचने के लिये एक साथ सभी को इक्ट्ठा कर लेना ज्यादा अच्छा लगा। ( फोटु मे रंग कुछ अजीब से आये है, मैने बहुत कोशिश की अच्छे से लेने के लिये पर ये जैसे के तैसे ही रहे)


सबसे ऊपर हरा जिरकॉन, यह भाग्योदय, पैसे के लिये भी पहना जाता है, चिकित्सा क्षेत्र मे इसका उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिये, वरना चिकित्सक की एक गलती मरीज के लिये भारी पड़ सकती है, हरे रंग की मानसिक किरणे सभी मरीजो पर अच्छा प्रभाव नही डालती इसलिये सोच विचार कर ही इसका उपयोग करें, वैसे कुछ बिमारीयों मे इसका अपना महत्व है।


फिर बारी है काले हकीक की, चुँकि जिरकॉन काले रंग मे आता ही नही है, इसलिये यहाँ हकीक से ही काम चलाना पड़ता है, काला रंग यह किसी चिकित्सा मे काम नही आता है बल्कि, चिकित्सा के दौरान पैदा हूई नकरात्मक प्रभाव को अपने अन्दर अवशोषित करता है, इसका विशेष उपयोग कैंसर जैसी भयानक बिमारियों के चिकित्सा के समय होता है।

बैंगनी रंग का अपना कोई खास महत्व नही होता बल्कि यह अन्य रंगो के साथ मिलकर काम करता है। पर यह अपना पुरा सहयोग देता है, जिसे नजर-अन्दाज करना पागलपन ही होगा।


तत्पश्चात नीला जिरकॉन, यह अपने आपमे सात्विक धारा को प्रवाहित करता है। दिमाग स्थिर रखता है, नकरातमक भावनाओ को मिटाता है, और चिकित्सा क्षेत्र मे तो इसके बिना कुछ हो ही नही सकता है, बिमारी कोई भी हो, नीला जिरकॉन जरूर दिया जाता है।


उसके बाद है गुलाबी जिरकॉन, गुलाबी रग के प्रभाव से कौन परिचित नही है, मेरा अपना प्रयोग है कि दो लोगो को एक ही तरंग से ऊर्जांवित किया हुआ गुलाबी जिरकॉन पहनाया जाय, उनमे आपस मे होने वाले द्वेष को आराम से कम करते हुए क्रमशः मिटाया जा सकता है।

वैसे दिमागी संतुलन के वक्त यह काम मे आता है।


सफेद जिरकॉन यह तो साधरणतया दुसरे रंगो के साथ मे दिया जाता है, जैसे कि अगर किसी शक्स को गोल्डेन हीलीग चल रही है, और उसके कारण उष्मा की मात्रा बढ रही हो तो उसे सफेद जिरकॉन दिया जाता है।
यह शांति का भी प्रतीक है, उग्र स्वभाव वाले व्यक्ति को भी श्वेत चिकित्सा देते हैं, औरा बैलेंसिंग मे भी श्वेत जिरकॉन का अपना महत्व है, वैसे कई हीलर्स ऐसा मानते हैं कि सफेद रंग का उपयोग नही करना चाहिये, पर मै पिछले कई सालो से सफेद जिरकॉन को प्रयोग मे ला रही हूँ, और मुझे इसका कोई दुष्प्रभाव नही दिखा, बल्कि कई परेशानियों का समाधान इसके बिना मुश्किल ही नही नामुमकिन हो जाता है।


फिर लाल जिरकॉन चिर परिचित अन्दाज मे, यह शक्ति को सम्बोधित करते हैं, जो इंसान अपनी सहज भावुकता से परेशान होते हैं इसका उपयोग कर सकते हैं, चिकित्सा के क्षेत्र मे इसकी भुमिका अलग अन्दाज मे है, जिस किसी बिमारी मे रक्तवर्णी चिकित्सा दी जाने वाली हो, इसे सबसे ऊपर रखते हैं।


और बीच मे आपका जाना पहचान गोल्डेन जिरकॉन जिसके बारे मे पहले ही बता दिया था :)
इनके बाद भी कई रंगो का समावेश होता है, पर यह रंग सबसे ज्यादा उपयोग मे होते है। जिरकॉन इसलिये क्योकि यह लगभग हर रंग का मिलता है, और बाकी कृस्टल्स की अपेक्षा सस्ता भी है।


विशेष- अगर कोई शक्स यह सारे रंग या औरा रीडर की मदद से अपने लिये रंगो का चुनाव करवा के ऊर्जांवित जिरकॉन अपने साथ रखे तो आने वाली कई परेशानियों से निजात मिल सकता है, पर ध्यान रहे कि कलर थेरेपी का प्रयोग अपने क्षेत्र मे मास्टर हुए चिकित्सक ही कर सकते है, चाहे वह अल्फा के हों, रेकी के, या कोई भी अन्य ऊर्जा चिकित्सक, इसलिये किसी मास्टर से ही सलाह लें।






ये है हकीक, युँ तो इनका भी वही काम है जो जिरकाँन करते हैं, पर कई लोग हकीक लेना पसन्द करतें हैं, किस कारण से, ये मुझे नही पता, सबकी अपनी अपनी दलील होती है, मैने कभी कारण जानने कि कोशिश नही की, किसी को पता हो तो अवगत करा दें :)


वैसे एक राज की बात बताऊँ तो.. अगर जिरकॉन को 8th डिग्री ऊर्जा से ऊर्जांवित किया जाये तो यह उस रंग से सबन्धित नवग्रहो पर भी काम करते हैं, मतलब की.. इन्ही से महंगे रत्नो का लाभ भी पाया जा सकता है, बशर्ते की 8th डिग्री ऊर्जा से ऊर्जांवित किया जाये। :)









खि खि.... यह क्या है.. वैसे तो मै इसको बाजार से जब लायी थी तब मुझे भी नही पता था कि कभी इसे इस तरह भी प्रयोग मे लाऊँगी, मुझे तो बस यह अच्छा लगा था।


महीने भर पहले मैने इस पर प्रयोग किया... पहले तो कुछ समझ मे नही आया, पर बाद मे यह मजेदार काम करने लगा, मैने जिस कमरे मे इसे रखा है उसमे शांति मिलती है, फिर देखने के लिये कुछ दोस्तो को यह गिफ्ट कर दिया, उन्होने भी यही बात दुहराई, तो बस तबसे यह मेरे कलेक्शन मे शामिल है।



लो फिर से एक अजुबा.... :P इसकी भी कुछ ऐसे ही कहानी है, पर काम अलग.... यह टुक टुक जनाब (pet name) बिमार दोस्तो को गिफ़्ट करने के लिये ठीक है.... मेर मतलब वो दोस्त जो बिमारी के कारण हताश हो रहे हो, उन पर इसके द्वारा पहुँचा तरंग गज़ब का काम करता है।



वैसे अभी इन दोनो का व्यव्सायिक नामकरण नही किया है, पर कलेक्शन मे आ जाने पर मुझे बेहद खुशी भी है, उम्मीद है कि आपके चेहरे पर भी मुस्कान आ गयी होगी।


अब.. ये क्या है.. यह है नज़र ना लगे यंत्र.. याद होगा टी वी पर बहूत छाया था कुछ दिन ... ही ही... वैसे उससे इसका कोई लेना देना नही है... मुझे इसके बारे मे एक बुढे दादा जी ने बताया था.. बाद मे एक मंत्र को सीख कर इसका उपयोग किया.. वाकई कमाल का है... जो लोग भुत-प्रेत मानते हैं उनके लिये.... मुझसे पुछो तो मानती हूँ, कि हमारे आस पास कई तरह की नकरात्मक किरणे घुमती रहती हैं, जो हमारे दिलो-दिमाग पर गहरा असर डालती हैं, यह सारा खेल उन्ही किरणो से बचने का है, जिसमे अलग अलग वस्तुये मददगार हैं इस श्रृंखला मे विशेष बीज मंत्र से और रक्तवर्णी किरणो से ऊजांवित यह ताबीज बहुत काम आता है।
लगभग मेरा कलेक्शन पुरा हूआ.. कुछ चीजे रह गयी हैं पर उन पर अभी शोध चालु है, सकरात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही उनके बारे मे कुछ बता पाऊँगी।
पिछली पोस्ट पर काकेश जी ने कीमत बताने के लिये कहा था.... तो कहना मुनासिब होगा कि... यह समान तो मै लाती हूँ बजार से... अब मुझे कभी यह स्टॉक महंगा पडता है कभी सस्ता।
इसलिये कीमत मैने रखा है= प्रोड्क्ट+ मेरी फीस + भेजने का खर्चा।
मेरी फीस किसलिये भाई... जब बाजार मे यह चीजे मिल जायेगी... तो कहना पडेगा कि.. बजार मे आपको समान मिलेगा, ऊर्जांवित तो मै ही करूँगी ना (या कोई अन्य मास्टर)।
10 तरह के स्तर होते है, हर स्तर की फीस अलग होती है। आपको कौन से स्तर के हीलींग की जरूरत है, वो आपकी परिस्थिती देख के निश्चित की जाती है।
घबराईये मत कुछ ज्याद पंगा नही है.... साधारणतया लोग 1 महीने के लिये 2 महीने के लिये, या अपने काम के हिसाब से कॉंट्रेक्ट लेते हैं।
विस्तृत जानकारी के लिये सम्पर्क कर सकते हैं :) avgroup at gamil dot com पर।
बहुत हो गया अब इजाजत लेती हूँ, अगली पोस्ट पर मिलेंगे। टाटा

8 टिप्‍पणियां:

काकेश ने कहा…

आपका ये कलैक्शन भी अच्छा है.अच्छी जानकारी है.

Sanjeet Tripathi ने कहा…

फ़िर से वाह है जी!!
कंशेसन तय कर लें?

yunus ने कहा…

डॉक्‍टर साब इतना सारा ज्ञान । हम आतंकित हो गये हैं ।

Sagar Chand Nahar ने कहा…

गरिमाजी आपका यह कलेक्शन भी पसन्द आया,, और जैसा कि यूनूस भाई ने कहा हम वास्तव में आपके ज्ञान से आतंकित हो गये हैं।
क्यों ना एक ओनलाईन दुकान खोल लो इन सब सामान की?

Udan Tashtari ने कहा…

यह भी बढ़िया ज्ञान रहा. कलेक्शन अच्छा लगा खासकर टुकटुक जी. :)

Divine India ने कहा…

शानदार कलैक्शन है…।

अनूप् शुक्ल ने कहा…

संग्रह् अच्छा लगा। बधाई अब् आप् इत्ती अमीर् हो गयीं।

Deepti ने कहा…

Kripya Ise bhi padhe aapke barein mein hi hai - http://nahar.wordpress.com/2007/07/19/ad-sence/#comment-1193